ज्यादा रैम अच्छे स्मार्टफोन की गारंटी नहीं! जानिए कितने GB रैम का स्मार्टफोन
होता है बेस्ट?Phone Buying tips स्मार्टफोन कंपनियों ने फोन में ज्यादा रैम को
ज्यादा स्पीड के फॉर्मूले से जोड़ दिया है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। ऐसा बिल्कुल
नहीं है अगर किसी स्मार्टफोन में ज्यादा रैम दी गई हैं तो वो सुपर फास्ट होगा। नई
दिल्ली, टेक डेस्क। Phone Buying tips : स्मार्टफोन कंपनियों ने फोन में ज्यादा रैम
को ज्यादा स्पीड के फॉर्मूले से जोड़ दिया है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। ऐसा
बिल्कुल नहीं है, अगर किसी स्मार्टफोन में ज्यादा रैम दी गई हैं, तो वो सुपर फास्ट
होगा। एक स्मार्टफोन को सुपर फास्ट बनाने में कई चीजों का रोल रहता है। ऐसे में
केवल ज्यादा रैम वाला स्मार्टफोन लेना ही बेहतर समझदारी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता
है कि आखिर ज्यादा रैम वाले स्मार्टफोन को क्यों खरीदना? अगर ज्यादा रैम वाला
स्मार्टफोन जरूरी भी है, तो आइए जानते हैं ऐसे सारे सवालों के जवाब। क्या होती है
रैम RAM को Random Access Memory कहा जाता है। किसी भी स्मार्टफोन में दो तरह के
स्टोरेज दिये जाते हैं, एक RAM और दूसरी ROM. जहां ROM में आपके फोटो, वीडियो से
लेकर सभी ऐप्स स्टोर होते हैं। इसी स्टोरेज ऐप्स, फोटो, वीडियो और गेमिंग को रैम पर
रन किया जाता है। फोन में किसी भी चीज को रन कराने के लिए रैम की जरुरत होती है।
अगर आप चाहते हैं, कि फोन का कोई भी ऐप स्मूथ रन करे, तो उसके लिए जरूरी है कि फोन
में ज्यादा रैम होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर अगर आप मल्टी टॉस्टिंग करते हैं, मतलब
एक वक्त में स्मार्टफोन पर गेम खेलते हुए, म्यूजिक सुनते हैं और नोटिफिकेशन पर आये
WhatsApp मैसेज का जवाब भी देना चाहते हैं, तो ज्यादा रैम की जरूरत होगी। अगर कम
रैम हैं, तो यह काम स्लो सकते हैं, या फिर फोन में हैग होने की दिक्कत आ सकती है।
कितनी GB रैम सही स्मार्टफोन में कितने GB रैम होना चाहिए, इसका सटीक जवाब नहीं
दिया जा सकता है, क्योंकि हर स्मार्टफोन यूजर की अलग जरूरत होती है। जैसे ज्यादा
हैवी गेमिंग के शौकीन हैं, तो ज्यादा 8 से 12 GB का स्मार्टफोन लेना बेहतर माना
जाता है। वही औसत स्मार्टफोन यूजर के लिए 6GB रैम पर्याप्त होती है। साथ ही अगर आप
स्मार्टफोन में गेम खेलना नहीं पसंद करते हैं और केवल सीमित दायरे में Whatsapp,
Facebook जैसे चुनिंदा ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए 4GB रैम भी काफी
होती है। क्या है वर्चुअल रैम वर्चुअल रैम के कॉन्सेप्ट को हाल ही में पेश किया गया
है। दरअसल वर्चुअल रैम को आपके स्टोरेज ROM से ही अलग करके वर्चुअल रैम बना दिया
जाता है। मतलब अगर आपको स्मार्टफोन में ज्यादा रैम की जरूरत होती है, तो फोन
स्टोरेज के स्पेस को कम करते रैम में जोड़ देता है।
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