डिलिवरी ब्वाय को भी मिले सामाजिक सुरक्षा
ओला, उबर, स्वीगी ,ज़माटो से लेकर तमाम तरह के होम डिलिवरी वाली कंपनियों में अब लाखों लोग न्यूनतम मज़दूरी पर काम कर रहे हैं। इनकी सामाजिक सुरक्षा काम होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सही सवाल किया है। ग़नीमत है कि इंदिरा जयसिंह जैसी वकील हैं जो ऐसे मसलों को अदालत के सामने ले जाना ज़रूरी समझती हैं। आपके घर हर दो मिनट में कोई डिलिवरी ब्वाय आता है। ये लोग बेहद शालीन होते हैं। मेहनती होते हैं। बेतरतीब और ख़राब डिज़ाइन वाली सड़कों पर बाइक चलाते हैं। दुर्घटना का ख़तरा बना रहता है। इनके लिए दस लाख का दुर्घटना बीमा होनी चाहिए।
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